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Jharkhand: चुनावी समर में कूदी राजनीतिक पार्टियां, कल झामुमो की बदलाव रैली

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स्टेट ब्यूरो: प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तपिश तेज हो चुकी है। कोई भी राजनीतिक दल इसमें पीछे नहीं रहना चाहती। एक तरफ भाजपा जहां जोहार जन आशीर्वाद यात्रा के जरिये जन संवाद में जुटी है, तो झामुमो बदलाव यात्रा के जरिए चुनावी अभियान को धार देने में जुट गया है। इसके अलावे विपक्षियों में कांग्रेस, झाविमो व राजद भी अपनी रणनीति पर अपने काम को अंजाम दे रहा है।
हालांकि सभी का एक ही निशाना है कि जनता के दिल में कैसे जगह बनायी जाए। प्रदेश में सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी के साथ आजसू का तालमेल है। वहीं, बिहार में भाजपा की सहयोगी दल जदयू ने झारखंड में सभी सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़े करने की घोषणा कर दी है। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि झारखंड विधानसभा के चुनाव में भाजपा और आजसू गठबंधन चुनावी जंग में उतरेगी। वहीं, दूसरी ओर विपक्ष में शामिल दलों के महागठबंधन की तस्वीरें अभी साफ नहीं हुई है। कांग्रेस पार्टी रैलियों के माध्यम से सूबे में अपना जनाधार बढ़ाने के लिए प्रयासरत है।

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झारखण्ड मुक्ति मोर्चा शनिवार को रांची में बदलाव रैली का आयोजन कर रहा है। वहीं राष्ट्रीय जनता दल 20 अक्टूबर को रैली करेगी। इससे पूर्व झाविमो प्रमुख बाबूलाल मंराडी भी धुर्वा में अपनी रैली के माध्यम से शक्ति प्रदर्शन कर चुके हैं। महागठबंधन का खाका तैयार नहीं हो सका है और विपक्षी दल कांग्रेस, झामुमो, झाविमो व राजद निजी स्तर पर अपनी पार्टी की रैलियां कर जनता को साधने की कवायद में जुटे हैं। खास बात ये है कि अभी तक खुल कर किसी ने भी अपना पत्ता नहीं खोला है, उपरी तौर पर बयानबाजी की जा रही है कि वे गठबंधन में चुनाव लड़ेगे। वहीं भारतीय निर्वाचन आयोग के पदाधिकारी दौरा कर चुनाव की तिथि का आंकलन कर रहे हैं।
माना जा रहा है कि दिपावली के आसपास इसका ऐलान हो सकता है। ऐसे में राजनीतिक दलों की गतिविधियां बढ़ गई है। भाजपा ने राज्य में विधि-व्यवस्था व निष्पक्ष मतदान कराने का हवाला देते हुए पांच चरणों में चुनाव करने की वकालत की है, जबकि विपक्ष एक चरण में चुनाव कराने का प्रस्ताव आयोग को दिया है।
भाजपा ईवीएम पर विश्वास जता रही है, तो विपक्ष वैलेट पेपर से चुनाव चाहता है। बहरहाल, चुनावी गठबंधन पर फिलहाल गटबंधन का धुंध साफ नहीं हो पाया है, ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या विपक्ष गटबंधन के तहत चुनावी समर में कूदेगी या फिर अलग होकर इस महासमर में अपना भाग्य आजमाएगी।

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