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रांची में सूचना भवन सभागार में आयोजित की गई प्रेस सेंसिटाइजेशन कार्यक्रम

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रांची: राजधानी में शुक्रवार को सूचना भवन के सभागार में प्रेस सेंसिटाइजेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन शैलेश कुमार चौरसिया, अभियान निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, केअध्यक्षता में की गई।

प्रेस को संबोधित करते हुए शैलेश कुमार चौरसिया ने बताया की आगामी 10 फरवरी को राष्ट्रीय कृमि मुक्त दिवस का आयोजन किया जाएगा। मुक्ति दिवस, केंद्र के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, स्कूल शिक्षा मंत्रालय तथा महिला एवं बाल विकास मंत्रालय का यह संयुक्त जन स्वास्थ्य कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम के तहत झारखंड के सभी जिलों के सभी स्कूलों और अंगनाबारी केन्द्रों में 1 से 9 साल तक के सभी बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवाई खिलाकर कृमि-मुक्त किया जाएगा। और जो बच्चे अगर छुट जायेंगे उन्हें 17 फरवरी को 17 फरवरीको मॉप-अप दिवस में कृमि मुक्त किया जाएगा।

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उन्होंने कृमि के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि यह संक्रमित व्यक्ति के उत्तक और खून पर निर्भर करते हैं, जिससे एनिमिया होता है। आंतों में विटामिन ए तथा लौह जैसे महत्वपूर्ण पोषक पदार्थों का अवशोषण रोकता है। एचटीएच संक्रमण से पोषण में कमी आने लगती है जिससे शारीरिक एवं मानसिक विकास पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। इसके रोकथाम के लिए खाने के बाद और शौच जाने के बाद हाथों को साबुन से धोना जरुरी है। इसके अलावा खाने को ढँक कर रखने एवं फलों-सब्जियों को इस्तेमाल करने से पहले पानी से धो लेने से भी संक्रमण को रोका जा सकता है। साथ ही नाखूनों को भी छोटा रखना आवश्यक है।

चौरसिया ने बताया कि बच्चों की शारीरिक एवं बौद्धिक विकास के लिए कृमि मुक्त करना जरुरी है। इसके अलावा यह भी जानकारी दी गयी कि डब्ल्यूएचओ के अनुमान के अनुसार भारत में 1 से 14 साल तक की उम्र के 22 करोड़ से भी अधिक बच्चों में कृमि संक्रमण का खतरा है। 

 

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