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चाईबासा: नुक्कड़ नाटक के जरिए फलेरिया के प्रति जागरुकता

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चाईबासा: फलेरिया दिवस के मौके पर सामाजिक संस्था सृष्टि चाईबासा के प्रकाश कुमार गुप्ता द्वारा लिखित एवं निर्देशित नुक्कड़ नाटक खुद को बचाओ का मंचन किया गया। इसे 10 से 15 अप्रैल तक चलने वाले अभियान के तहत विभिन्न प्रखंडों में दिखाकर फलेरिया के प्रति लोगों को जागरुक किया जाएगा। सदर अस्पताल, चाईबासा में आहूत नाटक के माध्यम से सृष्टि के कलाकारों ने बताने का प्रयास किया कि फलेरिया बीमारी यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है। जिसके लक्षण है हाथ पैर में शुरुआती दौर पर दर्द होना, जलन होना, लाल रेखाएं हो जाना और बुखार भी हो सकता है।

नाटक में बताया गया कि इस लक्षण के बाद लगभग 5 से 8 साल बाद पैर या हाथ का फूलना आरंभ होता है जो बाद में काफी मरीजों को दर्द और समस्याओं से सामना करना पड़ता है। हम मनुष्य यह सोचते हैं कि हमें फलेरिया बीमारी नहीं है, लेकिन हो सकता है कि कोई भी संक्रमण मच्छर आपको काटा हो, जो बाद में फलेरिया जिसे आम भाषा में हाथी पैर भी कहते हैं, हो सकता है। इस बीमारी से बचने के लिए रक्षा कवच के रूप में साल में एक बार डीईसी गोली और एल्बेंडाजोल गोली खाना चाहिए, जिससे फलेरिया जैसी बीमारी का निदान हो जाता है, और हम इस तरह के खतरनाक बीमारी से बच सकते हैं। नाटक में दिखाया गया कि आज भी लोग अंधविश्वास में आकर झाड़- फूंक का ही सहारा ले रहे हैं, जो कि बिल्कुल गलत है इस तरह के लक्षण होने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र उप स्वास्थ्य केंद्र में जाकर जांच कराना चाहिए। आज के इस नाटक में प्रकाश कुमार गुप्ता, शिवलाल शर्मा, सोनू कुमार, अमन मछुआ, रूपेश मछुआ, प्रेम मछुआ एवं सुनीता गोप ने अपनी अपनी भूमिका निभाई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से सदर अस्पताल के सिविल सर्जन के अलावे डॉक्टर्स ए इन एम बहने, कर्मचारी गण के साथ साथ आम दर्शक भी उपस्थित थे।

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